मैं नागरिक तो हुं मेरे देश का
पर अपने देश में कहां अपनी शिक्षा दिखलाऊंगा?
सरकारी खर्च पर पूर्ण की शिक्षा दिखाने
मैं भी विलायत जाऊंगा।
मेरे शहर की पालिका के लगाए कूड़ेदान में
कूड़ा डाल कहां सुख पाऊंगा?
पर 'सिविक सेन्स' का अंग्रेजी़ रोना रोने
मैं भी विलायत जाऊंगा।
वायु प्रदूषण जब होगा मेरे देश में
तब कार में बैठ तंत्र की विफलता गिनाऊंगा।
पर साइकल की सैर करते शुद्ध हवा का मज़ा लेने
मैं भी विलायत जाऊंगा।
कर भुगतान क्यों करूं समय पर?
पर सड़क के गड्ढों पर ज़रूर चिल्लाऊंगा।
लाखों का वीज़ा लेकर सड़क की तारीफ करने
मैं भी विलायत जाऊंगा।
जो बन जाऊं सरकारी कर्मचारी
तो चाय पानी के खर्च पर कुछ तो हक जताऊंगा।
जो न बन सका तो देश को भ्रष्ट बताने
मैं भी विलायत जाऊंगा।
👍👍😁😁
ReplyDeleteKataksh Kis Par Hai ?? 😉
ReplyDeleteBut Maja Aya Padh Kar 👍
👍🏻
ReplyDeleteShahri sach
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